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सभी सुख दूर से गुज़रें : आरंभ फिल्म का
रेडियोवाणी पर मन्ना दा के बारे में अपनी नई पोस्ट की तैयारी कर ही रहा था कि तभी जयपुर से भाई प्रेमचंद गांधी का मेल आया । हरीश भादानी नहीं रहे । हरीश जी को मैं ज्यादा नहीं जानता । उनकी कुछ रचनाएं ज़रूर पढ़ी हैं । प्रेम भाई ने उनके फिल्म 'आरंभ' के गीत के बारे मे
नथली से टूटा मोती रे : मन्ना डे का ग़ैर
ये शायद 1986 से 1988 के बीच के किसी साल की बात है । दूरदर्शन के दोपहर के प्रसारण में black and white era के कुछ नायाब गाने दिखाए जाते थे । इसमें कुछ ऐसे गाने हुआ करते थे जो ना हमने कभी देखे थे और ना सुने थे । ऐसे गानों में शामिल थे --मन्ना डे का गाया 'चलता
घिरी घटाएं आसमान पर : लता मंगेशकर का ग़
लता मंगेशकर की आवाज़ तमाम विशेषणों से ऊपर है । उनके जन्मदिन पर 'रेडियोवाणी' के ज़रिए हम आपके लिए उनकी एक ग़ैर-फिल्मी रचना लेकर आए हैं । अपने ग़ैर-फिल्मी गीतों में लता मंगेशकर का स्वर एकदम अलग ही रहा है । हालांकि उनके ज्यादा ग़ैर-
आईये सुनें शंकर-जयकिशन के नायाब instrumental अ
रेडियोवाणी के नियमित पाठक अब तक जान गए होंगे कि हम वाद्य-संगीत यानी instrumental music और वाद्यों दोनों के ही ख़ासे शैदाई हैं । अपने चिट्ठों पर पहले भी अधूरी-तमन्नाओं का जिक्र कर चुके हैं जिनमें से एक है गिटार सीखना । इस तमन्ना को पूरा करने के लिए हम अभी-भी बेक़रार हैं ।
धार धार बरसे- छाया गांगुली फिल्म थोड़
अनेक कारणों से 'थोड़ा सा रूमानी हो जाएं' हमारी पसंदीदा फिल्म रही है । इस समय हम पुरानी पोस्टों की लिस्ट में घुसकर पुराना संदर्भ निकालने के 'मूड' में नहीं हैं । पर मुमकिन है कि 'रेडियोवाणी' पर इसके कुछ गीत मौजूद हों । बल्कि हमें पू
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